प्रधान मंत्री कुसुम योजना 2020 | PRADHAN MANTRI KUSUM YOJANA 2020 : संपूर्ण जानकारी यहाँ से

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PM KUSUM

प्रधान मंत्री कुसुम योजना 2020 : केंद्र सरकार की कुसुम योजना ( किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान योजना ) तहत सैकड़ों किसानों को सौर ऊर्जा संयंत्र वितरित किये जायेगे। कुसुम योजना को आरम्भ करने का मुख्य उदेश्य बिजली व सिंचाई की समस्या से जूझ रहे किसानो को राहत देना है। बिजली की समस्या से जूझ इलाकों को ध्यान में रखते हुए देश भर में चल रहे सभी सिंचाई पम्पों को सौर ऊर्जा से चलाने के लिए इस योजना की शुरुआत की गयी है इससे किसान के बिजली खर्च में कमी होगी साथ ही साथ जो किसान डीजल व पेट्रोल से सिंचाई पम्पों को चलाते है उन्हें भी रहत मिलेगी। जिसके साथ ही फसलों की सिंचाई समय पर संभव हो सकेगी। कुसुम योजना 2019 के तहत देश के किसानों को 3 करोड़ सोलर ऊर्जा दिए जायेगे। अगर आप भी कुसुम योजना का लाभ उठाना चाहते है तो सबसे पहले आपको इस योजना की पात्रता, नियम और शर्ते जानना अतिआवश्यक है ताकि आप ऑनलाइन आवेदन करके कुसुम योजना का लाभ उठा सके। वित्त वर्ष 2022 तक की सुरक्षा अभियान योजना किसानों को 3 करोड़ सोलर वाटर पम्प वितरित किये जायेगे।

प्रधान मंत्री कुसुम योजना 2020 | Pradhan Mantri Kusum Yojana 2020

वित् मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 2020 -21 बजट पेश करते हुए कहा कि 15 लाख किसानो को ग्रिड से जुड़े सोलर पंप लगाने के लिए धन मुहैया कराया जाएगा। इसके तहत किसानों को अपनी बंजर भूमि पर सौर ऊर्जा परियोजना लगाने के उपरान्त उन्हें अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचने का विकल्प दिया जाएगा। किसान ऊर्जा सुरक्षा उत्थान एवं महाअभियान (कुसुम) योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार ने देशभर में सिंचाई के लिए प्रयुक्‍त होने वाले सभी डीजल/बिजली के पंप को सोलर ऊर्जा से चलाने की योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत केंद्र किसानों को 60% सब्सिडी के साथ सौर ऊर्जा पंप प्रदान करेगी। यह रकम केंद्र सरकार किसानों को बैंक खाते में सब्सिडी के तौर पर देगी। यदि किसान बैंक से लोन लेना चाहते है तो वे 30% तक लोन ले सकते है लेकिन लोन का भुगतान किसान को स्वयं करना होगा।

कुसुम योजना के कुछ महत्वपूर्ण बिंदु

  • केंद्र सरकार की Kusum Yojana के तहत 2020 तक 3 करोड़ सिंचाई पम्पों को बिजली व डीजल की जगह सौर ऊर्जा से चलाया जायेगा।
  • कुसुम योजना सौर ऊर्जा पम्प वितरण योजना पर लगभग 1.4 लाख करोड़ रूपए की लागत आयेगी।
  • इस योजना में केंद्र सरकार 48,000 करोड़ रूपए का योगदान करेगी और इतने की रूपए का योगदान राज्य सरकार द्वारा किया जायेगा।
  • किसानों को केंद्र सरकार कुसुम सोलर पम्प योजना में 60% का अनुदान देगी।
  • पहले चरण के अंतर्गत जिन इलाकों में जहाँ बिजली ग्रिड नहीं है वहाँ 17.5 लाख सोलर पंप सेट और जिन इलाकों में बिजली ग्रिड मौजूद है वहाँ 10 लाख सोलर पंप सेट दिए जायेगे।
  • इस तरह देश भर में पहले चरण में 27.5 लाख सोलर पैनल लगाये जायेगे।
  • योजना के अगले चरण में खेतों पर या खेतों की मेड़ों पर सोलर पैनल लगाने की योजना है।
  • इस योजना में 10,000 मेगावाट के सौर ऊर्जा प्लांट किसानों की बंजर भूमि पर लगाए जायेगे।
  • कुसुम सोलर पंप स्कीम किसानों को दोहरा लाभ देगी, एक तो उन्हें मुफ्त में सिंचाई के लिए बिजली मिलेगी, दूसरा अगर वह अतिरिक्त बिजली बनाकर ग्रिड को भेजते है तो उसके बदले उन्हें अच्छी कीमत भी मिलेगी।

कुसुम योजना के लाभ

  • किसानों को कुसुम योजना सोलर वितरण योजना के तहत केवल 10% का अग्रिम भुगतान करना पड़ेगा।
  • केंद्र सरकार किसानों को उनके बैंक खाते में सब्सिडी की रकम देगी।
  • इस योजना में बंजर भूमि का उपयोग होगा।
  • इस योजना के तहत यदि कोई डेवेलपर किसान की ज़मीन पर सोलर पैनल लगाना चाहता है तो उसे किसान को 30 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से किराया देना होगा। इससे किसान को प्रत्येक माह 6,600 रूपए की आमदनी होगी यानि साल का 80,000 रूपए और ज़मीन पर मालिकाना हक़ किसान का की रहेगा वो चाहे तो सोलर पैनल लगने के बाद भी अपनी ज़मीन पर थोड़ी बहुत खेती कर सकता है।
  • सोलर पंप वितरण योजना से सौर ऊर्जा को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
  • इस योजना के अंतर्गत सोलर पैनल लगाने के लिए सरकार की तरफ से किसानो को 60% केंद्र सरकार की तरफ से वित्तीय सहायता दी जायेगी व बैंक 30% ऋण की  सहायता प्रदान करेगा।  

पात्रता

  • आवेदन कर्ता किसान होना चाहिए।
  • आवेदन कर्ता के पास आधार कार्ड होना चाहिए।
  • किसान के पास बैंक अकाउंट नंबर होना अतिआवश्यक है।

दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • बैंक अकाउंट पासबुक
  • आय प्रमाण पत्र
  • मोबाइल नंबर
  • निवास प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट साइज फोटो

कुसुम योजना ऑनलाइन आवेदन 2020

राज्य के जो भी इच्छुक किसान इस योजना के लिए आवेदन करना चाहते है नीचे दिए गये दिशा निर्देशों का पालन करे।

  • सर्वप्रथम आवेदक को आवेदन के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा
  • होम पेज पर आपको पंजीकरण “ONLINE REGISTRATION” का विकल्प दिखाई देगा। इस विकल्प पर क्लिक करें इसके बाद आवेदक को आवेदन फॉर्म में पूछी गयी सभी जानकारी जैसे – नाम, पता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि भरने के बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें। अब आपका आवेदन सक्सेसफुल हो जायेगा।
  • आवेदन सक्सेसफुल होने के बाद आपको कुसुम योजना के होम पेज पर लॉगिन होना है। अब आपको सोलर एग्रीकल्चर पंप सेट स्कीम 2020-2021 पर क्लिक करना है।
  • अब आपको अपना कुसुम सोलर पंप योजना का फॉर्म भर के सबमिट कर देना है। अब आपका आवेदन हो जाता है। यदि आप इसके पत्र पाए जाते है तो आपको इस स्कीम का लाभ दिया जायेगा।

राजस्थान कुसुम योजना 2020

राजस्थान कुसुम योजना को आरंभ करने का मुख्य उद्देश्य किसानों को सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाले सोलर पंप प्रदान करना है इस योजना के तहत केंद्र सरकार व राजस्थान राज्य सरकार 3 करोड़ पेटोल और डीजल सिचाई पम्पो को सोर ऊर्जा पम्पो में बदलेगी। देश के जो किसान सिंचाई पम्पों को डीजल व पेट्रोल की मदद से चलाते है अब उन पम्पों कुसुम योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा से चलाया जायेगा। राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष एवं प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा अजिताभ शर्मा ने बताया कि निगम द्वारा योजना के प्रथम चरण में वितरण निगमों के 33.11 के.वी. सब-स्टेशनों पर किसानों से विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किये गये थे जिसके तहत राज्य के किसानों ने उत्साह दिखाया और कुल 674 किसानों ने 815 मेगावॉट क्षमता के आवेदन दिए। जिसमें से 623 किसानों को 722 मेगावॉट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करनेे की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है।

कुसुम योजना से सम्बंधित दिशा निर्देश, नियम और शर्ते

  • भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से “प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान” कुसुम योजना प्रारम्भ की है। जिसके दिशा निर्देश जारी कर दिए गए है।
  • राज्य सरकार द्वारा बजट घोषणा 2019 में राज्य में आगामी 3 वर्षो में किसानों की अनुपयोगी/ बंजर भूमि पर कुल 2600 मेगावाट क्षमता के विकेन्द्रीकरण सौर ऊर्जा संयन्त्र स्थापित करने की घोषणा की गई जिसकी स्थापना Kusum Yojana हेतु जारी एम एन आर ई के दिशा निर्देशों के अंतर्गत की जाएगी।
  • इस योजना के कम्पोनेंट- ए के अंतर्गत 500 किलोवाट से 2 मेगावाट क्षमता के विकेन्द्रीकरण सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना वितरण निगमों के 33/11 केबी सब स्टेशन के नजदीक 5 किलोमीटर की दुरी में किसानों की अनुपयोगी /बंजर भूमि पर की जाएगी।
  • इस योजना के तहत 0.5 मेगावाट से अधिकतम 2 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए आवेदन किया जा सकता है।
  • सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना के लिए 2 हेक्टेयर प्रति मेगावाट भूमि की आवश्यकता होगी।

राजस्थान कुसुम योजना आवेदन शुल्क

आवेदक सौर ऊर्जा संयंत्र के आदेवन के लिए 5000 प्रति मेगावाट + जीएसटी की दर के आवेदन शुल्क प्रबंध निदेशक राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के नाम से ड्राफ्ट के रूप में जमा करना होगा। (0.5 मेगावाट के लिए 2500 रूपए, 1 मेगावाट के लिए 5000 रूपए, 1.5 मेगावाट के लिए 7500 रूपए, 2 मेगावाट के लिए 10000 रूपए + जीएसटी)

उत्तर प्रदेश कुसुम योजना

इस बार बजट में “किसान ऊर्जा सुरक्षा उत्थान और महाअभियान” Kusum Yojana का एलन किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4 फरबरी को इस योजना को लागु करते हुए वित्त वर्ष 2019-20 के लिए लक्ष्य भी निर्धारित किये है जिसके तहत 31 मार्च तक 8000 सोलर पंप वितरित करने का लक्ष्य रखा गया था। इस योजना के अंतर्गत किसानों को खेतों में सिंचाई के लिए सोलर पंप दिए जायेगे।

2 और 3 एचपी पर बढ़ा अनुदान

केंद्र सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के निर्देशानुसार विभिन्न क्षमता के 7.5 एचपी तक के स्टैंड अलोन सोलर पंप के लिए 30% राशि केंद्र सरकार और 30% राशि राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी। इस तरह कुल 60% अनुदान की अनुमति प्रदान की गयी है लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने दिए गए निर्देशानुसार 2 एचपी और 3 एचपी के सोलर पंप पर अनुदान को 30%से बढ़ाकर 45% तक कर दिया है।

सोलर पंप वितरण का लक्ष्य

वित्त वर्ष 2019-20 में सरकार ने 1800 वाट 2 एचपी के 1000 डीसी सरफेस पंप व 800 एसी सरफेस पंप वितरित करने का लक्ष्य लिया है। इसी तरह 3000 वाट 3 एचपी के 4000 डीसी सबमर्सिबल पंप व 2000 एसी सबमर्सीबल पंप का लक्ष्य तय किया है साथ ही साथ 4800 वाट एचपी के 200 एसी सबमर्सीबल पंप वितरित करना है।

किसानों के लिए भुगतान राशि

  • 1800 वाट 2 एचपी डीसी सरफेस सोलर पंप के लिए 28376 रूपए
  • 1800 वाट 2 एचपी एसी सरफेस सोलर पंप के लिए 28376 रूपए
  • 3000 वाट 3 एचपी डीसी सरफेस सोलर पंप के लिए 38882 रूपए
  • 3000 वाट 3 एचपी एसी सरफेस सोलर पंप के लिए 38007 रूपए
  • 4800 वाट 5 एचपी एसी सबमर्सिबल सोलर पंप के लिए 87020 रूपए

पंप के लिए इच्छुक किसानों को पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर आवेदन कर सकते है।

PM KUSUM YOJANA के अंतर्गत सोलर पम्प वितरण का लक्ष्य रखा गया है जिससे डीजल, पेट्रोल और बिजली की खपत में कमी आएगी इससे देश का ऊर्जा भंडार में वृद्धि होगी। सोलर पैनल लगने से देश में ऊर्जा का उत्पादन भी हो सकेगा। सोलर पैनल द्वारा उत्पादित बिजली, बिजली ग्रिड को बेच कर किसानों की आमदनी भी होगी। इससे किसानों की आय दोगुनी करने का प्रधानमंत्री मोदी का सपना भी पूरा होगा। इसके साथ साथ भारत आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर होगा।

देश के प्रत्येक राज्य एक एक करके प्रधान मंत्री कुसुम योजना के तहत किसानों को रहत देने की तैयारी कर रहे है। राजस्थान PM KUSUM YOJANA को अपनाने वाला देश का पहला राज्य बना है।

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