भारत की प्रमुख झीलें: नदियों की तरह ही झीलों की भी अपनी एक अलग ही पहचान होती है। एक बड़ा पानी का भाग जो भूमि से घिरा होता है, उसे झील कहा जाता है। भारत में अधिकांश झीलों का विकास पर्वतीय क्षेत्रों में हुआ है। समुद्र तटीय क्षेत्रों में भी झीलों का विस्तार देखने को मिलता है। अधिकांश झीलें स्थायी होती हैं जिसमे हमेशा पानी की पर्याप्त मात्रा बनी रहती है जबकि कुछ झीले वर्षा जल पर निर्भर करती है अर्थात उनमे वर्षा के माध्यम से पानी होता है। झीले ग्लेशियर, बर्फ, पवन, नदी और मानव गतिविधियों से बनती  हैं। दुनिया की अधिकांश पानी की झीले उत्तरी अमेरिका (25%), अफ्रीका (30%) और एशिया (20%) में पाइ जाती हैं।

हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम भारत की प्रमुख झीलों, उनसे सम्बंधित राज्य और झीलों की कुछ खास बातों के बारे में बताने जा रहे है। जो आपके आने वाली प्रतियोगी परीक्षा में प्रत्यक्ष रूप से पूछी जायेंगी।

भारत की प्रमुख झीलें और सम्बंधित राज्य

भारत में कई प्रकार की झीले पायी जाती है जिनमें लैगून झीलें (खारे पानी की झीलें), मीठे पानी की झीलें, मानवनिर्मित झीलें आदि प्रमुख है। आज कल एसएससी, बैंकिंग, रेलवे तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भारत की प्रमुख झीलों, नदियों, पहाड़ों, पर्वतों से सम्बंधित प्रश्न पूछें जा रहे है। आइये हम आपको बताते है भारत में खारे पानी की झील, भारत में मीठे पानी की सबसे बड़ी झील, भारत की लैगून झील, भारत की सबसे ऊँची झील कौन सी है ? अगर आप प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे है तो आप इस आर्टिकल को पढ़ सकते है जो आपकी परीक्षा में मददगार साबित होगा।

प्रमुख झीलें एवं राज्य:

राज्यझील
जम्मू -कश्मीरवुलर, डल, गाडसर, अनंतनाग, बेरीनाग, शेषनाग, कौसरनाग, नागिन, पोगोंगछो, सी–मोरीरी, गंगाबल और मानसबल
हिमाचल प्रदेशभृगु, मच्छियाल, रेणुका, सूरजताल, चन्द्रताल
उत्तराखंडनैनीताल, डोडीताल, भीमताल, सातताल, नौकुछियाताल, देवताल, खुरपाताल, राकसताल और मालाताल, पंचपोखरी
सिक्किमसोंगमा, गुरुडोंगमार, चोलामु
मणिपुरलोकटक
उड़ीसाचिल्का
तेलंगानाहुसैनसागर, नागार्जुन, निजामसागर
आंध्र प्रदेशपुलिकट, कोलेरु
तमिलनाडुकोडइकनाल, कालीवेली
केरलबेम्बानाड, अष्टमुदी, पेरियार
कर्नाटकबेलान्दुर
महाराष्ट्रलोनार, मुलसी, पोवई
राजस्थानफतेहसागर, राणाप्रताप, गांधीसागर, उदयसागर, घेवर, सांभर, पिछौला, नक्की, राजसमंद, जयसमंद, लूनकरसर, डीडवाना, पुष्कर,
गुजरातउकाई
चंडीगढ़सुखना
हरियाणासूरजकुंड, दमदमा
मध्य प्रदेशउप्पर, भोजताल
उत्तर प्रदेशफुलहर

लैगून झीलें:

भारत में लैगून झीलें कुछ इस प्रकार है-

राज्यझील
उड़ीसाचिल्का
आंध्र प्रदेशकोलेरू और पुलिकट
केरलबेम्बानाड और अष्टमुदी
  • भारत की सबसे बड़ी झील ‘चिल्का झील’ है जो उड़ीसा राज्य में महानदी के मुहाने पर स्थित खारे पानी की लैगून झील है। यहीं पर नौसेना का प्रशिक्षण केंद्र स्थित है।
  • भारत की दूसरी सबसे बड़ी खारे पानी की झील ‘पुलिकट झील’ है जो आंध्र प्रदेश राज्य में स्थित है।
  • पुलिकट झील के तट पर ही श्रीहरिकोटा द्वीप स्थित है, जिसपर ‘भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान’ द्वारा स्थापित सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र स्थित है।
  • कभी-कभी समुद्री अवसादों के कारण लैगून झीलों का मुहाना अवरूद्ध हो जाता है, ऐसी स्थिति में लैगून झीलों का सागर से सीधा संपर्क नहीं रह जाता है| जैसे-कोलेरु झील, जो कि गोदावरी एवं कृष्णा नदी डेल्टा के बीच स्थित है।
  • कोलेरु झील डेल्टाई प्रदेश में स्थित है।
  • केरल की वेम्बनाड झील में एक द्वीप स्थित है जिसे वेलिंगटन द्वीप कहा जाता है। केरल में नौकायान प्रतियोगिता वेम्बनाड झील में इसी द्वीप से आयोजित होती है।
  • केरल की लैगून झील को स्थानीय भाषा में कयाल बोला जाता है।
  • राजस्थान की अधिकतर झील लवणीय है। राजस्थान की झीलों का निर्माण पवनों द्वारा होता है।
  • राजस्थान की झीलों के लवणीय होने का यह कारण भी है कि यहाँ पर कभी टेथिस सागर रहा होगा जो अब एक अवशेष के रूप में बचा है, इसी कारण इन झीलों का पानी खारा है|

मीठे पानी की झील:

भारत में मीठे पानी की झीलें कुछ इस प्रकार है-

राज्यझील
जम्मू-कश्मीरवूलर
मणिपुरलोकटक
  • भारत में ताजे पानी या मीठे पानी की सबसे बड़ी झील ‘वूलर झील’ है जो जम्मू-कश्मीर में स्थित है। इसी झील पर तुलबुल परियोजना विकसित है।
  • झेलम नदी बेरीनाग से निकलकर वूलर झील से होकर बहती है।
  • गोखुर झील का निर्माण नदियों द्वारा होता है चूँकि वूलर झील का निर्माण झेलम नदी द्वारा हुआ है इसी कारण वुलर झील को गोखुर झील भी कहते है।
  • पूर्वोत्तर भारत की ताजे पानी सबसे बड़ी झील लोकटक झील है। जो मणिपुर राज्य में स्थित है। इसी झील में जमीन के छोटे-छोटे टुकड़े तैरते रहते है जिन्हें फुमदी कहते है। इनमें से एक बड़े टुकड़े पर दुनिया का पहला तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान ‘कैबुल लम्जाओ’ स्थित है।

क्रेटर झील:

भारत में क्रेटर झील कुछ इस प्रकार है-

राज्यझील
महाराष्ट्रलोनार
  • भारत के महाराष्ट्र में स्थित लोनार झील ज्वालामुखी क्रियाओं से निर्मित झील है। ज्वालामुखी क्रियाओं से निर्मित झील को क्रेटर झील कहते है।

मानवनिर्मित (कृत्रिम) झील:

भारत में कृत्रिम झीलें कुछ इस प्रकार है-

राज्यझील
मध्य प्रदेशगांधीसागर
राजस्थानजवाहर सागर, राणाप्रताप सागर
तेलंगानानिजामसागर, नागार्जुन सागर
हिमाचल प्रदेशगोविन्द सागर
गुजरातउकाई
केरलपेरियार
  • गांधीसागर, जवाहर सागर और राणाप्रताप सागर झील का निर्माण चम्बल नदी के जल को रोककर किया गया है।
  • भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील ‘गोविन्द सागर झील’ है जो हिमाचल प्रदेश राज्य में सतलज नदी पर स्थित है।
  • गोविन्द वल्लभ पंत नामक कृत्रिम झील का निर्माण उत्तर प्रदेश व छत्तीसगढ़ की सीमा पर हुआ है। इस झील का निर्माण रिहन्द नदी के पानी रोककर किया गया है।
  • गोविन्द वल्लभ पंत झील का कुछ हिस्सा उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के अंतर्गत आता है।
  • तमिलनाडु राज्य में कावेरी नदी के जल को रोककर स्टैनले झील का निर्माण किया गया है।
  • भारत की सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित झील चोलामु झील है जो कि सिक्किम राज्य में स्थित है।
  • सर्वाधिक खूबसूरत झील, डल झील है जो जम्मू-कश्मीर में है।
  • हुसैन सागर झील, हैदराबाद और सिकंदराबाद को जोड़ने का काम करती है।
  • फुलहर झील, जिसे पंगैति फुलहर ताल या गोमल ताल भी कहा जाता है, उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में माधो टांडा के समीप स्थित एक झील है।

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